anna hazare andolan
- देश, राजनीती

15 लाख तो दूर 15 रुपए भी नही मिले मोदी सरकार मे | अन्ना हजारे

2011 में, अन्ना हजारे के नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शन ने भारतीयों के समुद्र को प्रेरित किया था। जवान और बूढ़े एक जैसे – ने अत्याधुनिक कार्यकर्ता के साथ

उनकी एकजुटता दिखाने के लिए दिल्ली के रामलीला मैदान में एक जुट हुए थे |

74 साल के एक बूढ़े आदमी के हर एक कदम के बाद, ‘परिवर्तन’ आरहा था और लोगों की उम्मीदों जाग रही थी । दिल्ली जो लोग गांधी टोपी में एक आदमी को

देख रहे थे, उनके साथ जुड़  रहे थे, उसका नाम अन्ना हजारे था और अन्ना हजारे आ चुके थे |

आज अन्ना हजारे के अनशन का चोथा दिन हैं और सरकार की तरफ से कोई समझोता नज़र नही अरह है | सरकार ने महाराष्ट्र के  कैबिनेट मंत्री गिरीश महाजन

को अन्ना हजारे के पास अपना दूत बना कर भेजा था जिससे वो अन्ना हजारे की शर्तें सरकार तक पोहंचा सकें | सोमवार को  गिरीश महाजन और अन्ना हजारे के

बीच डेढ़ घंटे तक  तक बात चीत चली उसके बाद गिरीश महाजन ने पत्रकारों को बताया के 24 घंटे के भीतर सरकार अपने 2 बड़े मंत्रियों को अन्ना हजारे से

मुलाकात के लिए भेजेगी और हो सकता है के अन्ना हजारे का अनशन ख़तम हो जाये |

गिरीश महाजन ने बताया के अन्ना हजारे ने 11 मुद्दों उठाये थे जिसमे 7-8 मुद्दों पर सहमति बनती नज़र आरही है और 2-3 मुद्दों पर बात अभी बात चल रही है

उन पर सहमति बनती नही दिख रही |

अन्ना हजारे के इस आन्दोलन पहली बार कोई मंत्री डायरेक्ट अन्ना हजारे से मिलने पोहंचा ऐसा पहली बार हुआ है |

अन्ना हजारे ने यहाँ तक कह दिया के 15 लाख तो दूर 15 रुपए भी नही आये गरीबों के अकाउंट मे और सरकार अपने हर मुद्दे पर फ़ैल होगी है |

ना तो कला धन विदेश से वापस आय और ना ही लोकपाल बिल लागु हुआ और अन्ना हजारे ने जितने भी सरकार को ख़त लिखे उनका भी कोई जवाब नही मिला |

 

 

 

 

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